मानवतावाद क्या है ?

संसार की समस्त प्रगति का केन्द्र बिंदु मनुष्य है और मनुष्य के सर्वागिणं विकास में उसकी भौतिक प्रगति के साथ साथ उसकी नैतिक और आध्यात्मिक प्रगति अपेक्षित है। व्यक्ति मानव समूह का ही अंश है इसलिये व्यक्ति को कवे ल अपने लिये ही नही अपितु सम्पूर्ण समाज के कल्याण के लिये कार्य करना चाहिए। हमारे शासनो …

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मौलिक अधिकार के प्रकार एवं विशेषताएं

भारत संविधान में सात मौलिक अधिकार वर्णित थे। यद्यपि वर्ष 1976 में 44वें संविधान संशोधन द्वारा मौलिक अधिकारों की सूची में से संपत्ति का अधिकार हटा दिया गया था। तब से यह एक कानूनी अधिकार बन गया है। अब कुल छ: मौलिक अधिकार है। समानता का अधिकार (अनुच्छेद 14 से 18) स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 19 …

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प्रधानमंत्री की नियुक्ति, कार्य एवं शक्तियां

प्रधानमंत्री की नियुक्ति प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। व्यवहार में राष्ट्रपति लोक सभा के बहुमत दल के नेता को प्रधानमंत्री पद पर नियुक्ति करते है। प्रधानमंत्री की सलाह से अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, जब लोकसभा में किसी एक दल या घटक को स्पष्ट बहुमत प्राप्त न हुआ हो …

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मुख्यमंत्री के कार्य

मुख्यमंत्री प्रत्येक राज्य में राज्यपाल के दायित्व निवर्हन मे सहयोग और सहायता के लिए, एक मंत्रिपरिषद् होती है। मुख्यमंत्री राज्य में सरकार का मूखिया होता है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद् राज्य स्तर पर वास्वविक शक्तियों का प्रयोग करती है। मंत्रिपरिषद का गठन  मुख्यमंत्री का नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है। विधान सभा में बहुमत प्राप्त …

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भारत में चुनाव प्रक्रिया

निर्वाचन प्रक्रिया से तात्पर्य संविधान में वर्णित अवधि के पश्चात पदो एवं संस्थाओ के लिए होने वाले निर्वाचनों की प्रारभं से अंत तक की प्रक्रिया से है। निर्वाचन प्रक्रिया की प्रकृति भारतीय संविधान के इस उपबंध द्वारा निर्धारित हुर्इ है कि लोकसभा अैार प्रत्येक राज्य की विधानसभा के लिए निर्वाचन 1951, राज्य पुर्नगठन अधिनियम सन 1956 …

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राष्ट्रीय राजनीतिक दल क्या है ?

प्रत्येक लाकेतांत्रिक समाज तथा सत्तावादी व्यवस्था में राजनीतिक दल होते है। एक राजनीतिक में राजनीतिक दल होते है। एक राजनीतिक व्यवस्था में राजनीतिक दल विचारो अभिमतो व्यवस्था में राजनीतिक दल विचारो अभिमतो तथा पद्धितयो के वाहक के रूप में कार्य करते है। दल नागरिको आरै सरकार के बीच तथा मतदाता आरै प्रतिनिधात्मक संस्थाओं के बीच कडी …

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विश्व व्यवस्था का अर्थ

क्रम’ या व्यवस्था से सभी वस्तुओं के उचित स्थान पर होने का संकेत मिलता है। यह नियमों को लागू करने और उनका सम्मान करने को भी दर्शाता है। यदि व्यवस्था सुदृढ हो तो दैनिक क्रियाकलाप शांतिपूर्ण और सामान्य होंगे। पर विश्व व्यवस्था में एक देश का अपने मामलों को दूसरे देशों के साथ संचालिन करने का …

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सुरक्षा परिषद के कार्य

सुरक्षा परिषद् का मुख्य कार्य अंतर्राष्ट्रीय शांति व सुरक्षा बनाये रखना है। इसके लिए वह उन मामलों व परिस्थितियों पर तुरंत विचार करती है जो शांति हेतु खतरा पैदा कर रही है। चार्टर की धारा 33 से 38 तक धाराएं अंतर्राष्ट्रीय झगड़ों केांशांतिपूर्ण निपटारे के सबंध में 39 से 51 तक की धाराएं शांति को सकंट …

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जैव विकास के सिद्धांत, प्रमाण एवं मूलभूत कारक

जैव विकास- भूवैज्ञानिक काल के दौरान सरल प्रकार के पूर्वजों से ‘‘परिवर्तन’’ के फलस्वरूप जटिल जीवों का बनना विकास कहलाता है। जैव विकास के सिद्धांत – आज के विभिन्न जीव उसी रूप में नहीं बने जिस रूप में आज पाए जाते हैं, बल्कि वे एक सामान्य पूर्वज रूप से, जो कहीं अधिक सरल प्रकार का रहा …

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पृथ्वी की आंतरिक संरचना

पृथ्वी के आन्तरिक भागों में तीन परतों को माना गया है। पृथ्वी के आन्तरिक भागों को देख पाना संभव नही है क्योंकि पृथ्वी बहुत बड़ा गोला है और इसके अन्दर की बनावट गहरार्इ बढ़ने के साथ-साथ बदलती जाती है। मानव ने इसके कुछ ही किलोमीटर तक के आन्तरिक भाग को प्रत्यक्ष रूप से देखा है। पृथ्वी …

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